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AI खा जाएगा एक तिहाई नौकरियां

AI खा जाएगा एक तिहाई नौकरियां

भारत समेत पूरी दुनिया में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इससे बड़ी संख्या में नौकरियां जाने का भी खतरा पैदा हो गया है। इस बीच देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में से एक टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) के सीईओ सी पी गुरनानी (CP Gurnani) का कहना है कि एआई के कारण आईटी के कुछ सेक्शंस में एक तिहाई नौकरियां खत्म हो सकती हैं। हालांकि उन्होंने साथ ही कहा कि इससे नई तरह की नौकरियां पैदा होंगी क्योंकि कंपनियां हायर एफिशियंसीज के साथ इनोवेशन करेंगी। उन्होंने कहा कि वह एआई को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के बजाय एप्लाइड इंटेलीजेंस (applied intelligence) कहना पसंद करते हैं। गुरनानी ने The Times of India Right To Excellence - Tech Summit 2023 में कहा, 'बेस्ट प्रीडिक्शन यह है कि अगले तीन साल में कॉल सेंटर और सॉफ्टवेयर टेस्टिंग में 20 से 30 परसेंट जॉब खत्म हो जाएंगे। सवाल यह है कि क्या इससे मार्केट बढ़ेगा और क्या इससे हम इनोवेट कर पाएंगे? मेरा मानना है कि ऐसा होगा। इसमें खुद को आगे बनाए रखने का यही तरीका है कि रेलेवेंट बने रहें।'

30 करोड़ नौकरियों पर खतरा
इनवेस्टमेंट बैंक Goldman Sachs की एक रिपोर्ट के मुताबिक एआई से दुनियाभर में 30 करोड़ नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है। यह अमेरिका और यूरोप में एक चौथाई तरह के काम कर सकता है। लेकिन साथ ही इससे नई तरह की नौकरियां मिल सकती हैं और प्रॉडक्टिविटी में उछाल आ सकती है। इससे दुनियाभर में गुड्स एंड सर्विसेज की टोटल एन्युअल वैल्यू सात फीसदी तक बढ़ सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि खासकर जेनरेटिव एआई बहुत क्रांतिकारी है। यह इंसान की तरह कंटेंट क्रिएट कर सकता है। दुनियाभर की सरकारें एआई के फील्ड में निवेश को प्रमोट करना चाहती हैं। खासकर विकसित देश इसमें काफी रुचि दिखा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे प्रॉडक्टिविटी बढ़ेगी और इकॉनमी में बढ़ोतरी होगी। 

भारत का हाल
हालांकि भारत में सरकार ने इस आशंका को खारिज किया है। इलेक्ट्रॉनिकी और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrashekhar) का कहना है कि एआई से नौकरियों पर कम से कम पांच साल तक कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि एआई से पिछले कुछ साल में एक करोड़ से अधिक रोजगार पैदा हुए हैं। इससे कामकाज में एफिशियंसी आती है। संभव है कि आने वाले वर्षों में यह रिपीटिव और रूटीन वाले काम कर सकता है। लेकिन ज्यादातर नौकरियों में रीजनिंग और लॉजिक की जरूरत होती है और अभी एआई यह काम करने में सक्षम नहीं है। संभव है कि आने वाले साल में एआई इसमें सक्षम हो जाए लेकिन अभी ऐसा नहीं है।

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