व्हाइट हाउस पर हमला: खुद को ‘ईसा मसीह’ बताने वाले सिरफिरे को सीक्रेट सर्विस ने किया ढेर, राष्ट्रपति ट्रंप सुरक्षित

वॉशिंगटन डीसी! महाशक्ति अमेरिका का हृदय! शनिवार की शाम, जब घड़ी में ठीक 6 बज रहे थे। दुनिया की सबसे सुरक्षित इमारतों में शुमार, व्हाइट हाउस, अपनी पूरी भव्यता के साथ खड़ा था। अंदर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मौजूद थे, इस बात से अनजान कि बाहर क्या खौफनाक मंज़र शुरू होने वाला है। तभी, 17वीं स्ट्रीट और पैंसिल्वेनिया एवेन्यू के पास, एक युवक, एक आम नागरिक की तरह व्हाइट हाउस के बाहरी चेकपॉइंट की ओर बढ़ता है। किसी को अंदाज़ा नहीं था कि उसके इरादे कितने घातक हैं।

जैसे ही वह चेकपॉइंट के करीब पहुँचता है, अचानक अपने बैग से हथियार निकालता है और इससे पहले कि सीक्रेट सर्विस के एजेंट कुछ समझ पाते, वह अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर देता है! व्हाइट हाउस के बाहर गोलियों की तड़तड़ाहट गूँज उठी! अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था पर यह सीधा प्रहार था। चारों तरफ अफरातफरी मच गई और राहगीर अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। सुरक्षाकर्मियों की ललकार और गोलियों का शोर… ऐसा लगा मानो कोई अमेरिकी लोकतंत्र के इस प्रतीक को दहलाने आ गया हो।

सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्रवाई और हमलावर का अंत

लेकिन, वहां अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के मुस्तैद एजेंट तैनात थे! राष्ट्रपति की सुरक्षा का जिम्मा उन्हीं के कंधों पर है। गोलियों की आवाज़ सुनते ही वे तुरंत एक्शन में आ गए। जैसे ही हमलावर फायरिंग कर रहा था, एजेंटों ने बहादुरी दिखाते हुए जवाबी हमला किया। बिना पलक झपकाए, उन्होंने अपनी पोजीशन ली और हमलावर पर गोलियों की बौछार कर दी। हमलावर को संभलने का मौका भी नहीं मिला और वह खून से लथपथ होकर ज़मीन पर गिर पड़ा। सुरक्षा बलों ने हमलावर को वहीं ढेर कर उसके नापाक मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया। सीक्रेट सर्विस ने इस हिमाकत का मुँहतोड़ जवाब दिया!

कौन था नासीर बेस्ट? खुद को बताता था ‘जीसस’

इस खबर के फैलते ही दुनिया भर में हड़कंप मच गया। हर कोई जानना चाहता था कि वह कौन है, जिसने व्हाइट हाउस पर हमला करने की जुर्रत की? अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, मारे गए युवक की पहचान 21 वर्षीय नासीर बेस्ट के रूप में हुई है, जो मैरीलैंड का निवासी था। महज़ 21 साल की उम्र में उसके इरादे बेहद खतरनाक थे।

हमले के पीछे की कहानी और भी चौंकाने वाली है। रिकॉर्ड्स के अनुसार, नासीर बेस्ट सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर पहले से ही था। वह कथित तौर पर मानसिक रूप से अस्थिर था और अक्सर व्हाइट हाउस के आसपास देखा जाता था। सुरक्षा अधिकारियों का उससे पहले भी सामना हो चुका था, लेकिन शायद सुरक्षा तंत्र की चूक ने उसे दोबारा वहां पहुँचने का मौका दे दिया।

सीक्रेट सर्विस के साथ पुराना विवाद और गिरफ्तारी

रिकॉर्ड के मुताबिक, 26 जून 2025 को बेस्ट को व्हाइट हाउस के गेट पर बाधा डालने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद 10 जुलाई को उसने सभी हदें पार कर दीं और प्रतिबंधित इलाके में घुस गया। जब उसे पकड़ा गया, तब उसने चिल्लाकर कहा था कि “वह ईसा मसीह है” और “गिरफ्तार होना चाहता है”!

एक ऐसा व्यक्ति जो खुद को भगवान समझता हो और राष्ट्रपति आवास के आसपास संदिग्ध तरीके से घूमता रहता हो… क्या वह केवल सिरफिरा था या किसी बड़ी साज़िश का हिस्सा? अमेरिकी एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि वह हथियार के साथ चेकपॉइंट तक कैसे पहुँचने में सफल रहा।

ट्रंप सुरक्षित, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल

गोलीबारी के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर ही थे। सीक्रेट सर्विस ने तुरंत पूरे परिसर को ‘लॉकडाउन’ कर दिया और ट्रंप को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। हालांकि वे सुरक्षित हैं, लेकिन इस हमले ने राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है। दुनिया के सबसे ताकतवर देश के प्रमुख के आवास पर इस तरह का हमला अमेरिका के लिए एक बड़ी सुरक्षा चूक है।

इस घटना में एक राहगीर भी घायल हुआ है, जिसका इलाज चल रहा है। हमलावर नासीर बेस्ट की अस्पताल में मौत हो गई। गनीमत रही कि कोई सुरक्षाकर्मी घायल नहीं हुआ, लेकिन एक आम नागरिक का घायल होना सिस्टम की विफलता की ओर इशारा करता है।

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