कोलंबिया में धरती एक बार फिर बुरी तरह हिली और देखते ही देखते कई शहरों में हालात बदल गए। सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने देश के पश्चिमी हिस्से को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। शुरुआती जानकारी में मृतकों की संख्या 111 बताई गई थी। इसके बाद यह आंकड़ा 132 तक पहुंचा और अब ताजा रिपोर्टों के मुताबिक कम से कम 164 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। सैकड़ों लोग घायल हुए हैं और कई इलाकों में राहत तथा बचाव अभियान लगातार जारी है। सबसे चिंता की बात यह है कि प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन अभी जारी है। इसलिए मृतकों और प्रभावित लोगों की संख्या आगे भी बदल सकती है।
7.4 तीव्रता के झटके से हिला पश्चिमी कोलंबिया
यह भूकंप पश्चिमी कोलंबिया में आया और इसका असर आसपास के कई क्षेत्रों में महसूस किया गया। कोलंबिया का यह हिस्सा भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। इस बार 7.4 तीव्रता के झटकों ने कई शहरों में लोगों को घरों और इमारतों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया।काली और पेरेइरा जैसे बड़े शहर भी प्रभावित हुए हैं। मनिजालेस समेत कई अन्य इलाकों में भी इमारतों और बुनियादी ढांचे को नुकसान की खबरें सामने आई हैं। भूकंप की तीव्रता जितनी अधिक होती है, जमीन के भीतर से निकलने वाली ऊर्जा उतनी ही ज्यादा होती है। इसी वजह से मजबूत भूकंप बड़े क्षेत्र में असर डाल सकता है।
काली में सबसे ज्यादा नुकसान
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक काली में 85 लोगों की मौत हुई है, जबकि पेरेइरा में 66 मौतों की सूचना है। भूकंप के केंद्र के नजदीक चोको क्षेत्र में भी 13 लोगों की मौत बताई गई है। काली में कई महत्वपूर्ण इमारतों को नुकसान पहुंचा है। इनमें एक अस्पताल भी शामिल है। अस्पताल की इमारत प्रभावित होने के बाद चिकित्सा सेवाओं को वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए जारी रखने की कोशिश की गई। पेरेइरा में भी कई आवासीय इलाकों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। प्रशासन और राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति को संभालने में जुटे हैं।
हजारों मकानों पर असर
भूकंप का असर केवल बड़ी इमारतों तक सीमित नहीं रहा।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब 1,575 मकानों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्रों और विद्यालयों को भी क्षति की जानकारी सामने आई है। एक रिपोर्ट में 18 स्वास्थ्य केंद्रों और 52 विद्यालयों के प्रभावित होने का उल्लेख है। इसका मतलब साफ है कि आने वाले दिनों में चुनौती केवल लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाने की नहीं होगी। प्रभावित परिवारों के लिए रहने की व्यवस्था, चिकित्सा सहायता, भोजन और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी।
राहत और बचाव अभियान तेज
भूकंप के बाद पुलिस, सेना, स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवक प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। कई जगहों पर राहत दलों को क्षतिग्रस्त इमारतों और मलबे वाले क्षेत्रों की जांच करनी पड़ रही है, ताकि प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाई जा सके।
राहत कार्य के दौरान सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और जरूरतमंदों तक चिकित्सा सहायता पहुंचाना है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित शहरों में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।ताजा रिपोर्ट के मुताबिक काली में बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है और प्रशासन उनकी तलाश तथा पहचान की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
कोलंबिया के लिए बड़ा भूकंपीय संकट
कोलंबिया पहले भी बड़े भूकंपों का सामना कर चुका है। देश का पश्चिमी क्षेत्र भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील है। यहां पृथ्वी की अलग-अलग भू-पट्टियों की गतिविधियों के कारण समय-समय पर शक्तिशाली भूकंप आते रहे हैं। इसी कारण वहां भवन निर्माण और आपदा प्रबंधन में भूकंप से बचाव के उपायों को काफी महत्व दिया जाता है।लेकिन 7.4 तीव्रता का भूकंप किसी भी देश के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। इस बार भी यही देखने को मिला है।
क्या खतरा अभी टला है?
भूकंप के बाद सबसे जरूरी सवाल होता है कि क्या स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार बड़े भूकंप के बाद कुछ समय तक बाद के झटके महसूस हो सकते हैं। इसलिए प्रभावित इलाकों में क्षतिग्रस्त इमारतों से लोगों को दूर रखने और संरचनाओं की जांच करना बेहद जरूरी होता है।कोलंबिया में भी राहत दल और प्रशासन इसी दिशा में काम कर रहे हैं। कई इमारतों को नुकसान पहुंचने के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की जरूरत बनी हुई है। मृतकों का आंकड़ा लगातार बढ़ाजब यह भूकंप आया था, तब शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 111 बताई गई थी। इसके बाद आंकड़ा 132 तक पहुंच गया। अब ताजा रिपोर्ट में कम से कम 164 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। यह बढ़ता हुआ आंकड़ा बताता है कि प्रभावित इलाकों में स्थिति कितनी गंभीर है।राहत दल अभी भी कई क्षेत्रों में नुकसान का आकलन कर रहे हैं। ऐसे में अंतिम आंकड़ा आने में समय लग सकता है।
दुनिया की नजर कोलंबिया पर
इस बड़े भूकंप के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कोलंबिया की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अमेरिका ने कोलंबिया के लिए 15.5 करोड़ डॉलर की आपात सहायता की घोषणा की है। यह सहायता राहत और पुनर्वास से जुड़े प्रयासों में मदद कर सकती है। कोलंबिया के सामने अब दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहली चुनौती है प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाना। दूसरी चुनौती है क्षतिग्रस्त घरों और सार्वजनिक संस्थानों को दोबारा व्यवस्थित करना। सबसे बड़ी जरूरत सुरक्षित पुनर्निर्माण की भूकंप के बाद राहत कार्य कुछ दिनों में तेज हो सकते हैं, लेकिन पुनर्निर्माण की प्रक्रिया लंबी होती है।जिन परिवारों के घर प्रभावित हुए हैं, उनके लिए स्थायी व्यवस्था करना जरूरी होगा। विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों और दूसरी सार्वजनिक इमारतों की सुरक्षा जांच भी महत्वपूर्ण होगी। साथ ही प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि जिन इमारतों में संरचनात्मक नुकसान हुआ है, वहां लोगों की वापसी विशेषज्ञों की जांच के बाद ही हो।
भारत के लिए भी एक सबक
कोलंबिया की यह घटना भारत जैसे भूकंप संभावित देश के लिए भी एक महत्वपूर्ण याद दिलाती है। भारत में भी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वोत्तर और कुछ अन्य इलाके भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील हैं। ऐसी घटनाओं से यह समझ आता है कि भूकंप को रोका नहीं जा सकता, लेकिन उसके नुकसान को कम करने की तैयारी जरूर की जा सकती है। भवन निर्माण के नियमों का पालन, पुरानी इमारतों की सुरक्षा जांच, आपातकालीन निकासी की तैयारी और लोगों को भूकंप के समय सही व्यवहार की जानकारी देना बेहद महत्वपूर्ण है।
कोलंबिया में अभी राहत सबसे बड़ी प्राथमिकता
फिलहाल कोलंबिया में राहत और बचाव अभियान सबसे बड़ी प्राथमिकता बना हुआ है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य करने की कोशिश कर रहा है। काली, पेरेइरा, मनिजालेस और चोको सहित कई क्षेत्रों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। मृतकों की संख्या 164 तक पहुंच चुकी है और सैकड़ों लोग घायल बताए गए हैं। बड़ी संख्या में मकान और सार्वजनिक इमारतें प्रभावित हुई हैं।लेकिन यह आंकड़े अभी अंतिम नहीं माने जा सकते जैसे-जैसे राहत दल प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचेंगे और नुकसान का विस्तृत आकलन होगा, स्थिति की पूरी तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल पूरा ध्यान प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान, चिकित्सा सहायता और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है। कोलंबिया एक बड़े प्राकृतिक संकट से गुजर रहा है और आने वाले दिन राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।





