लॉर्ड्स के मैदान पर रोहित शर्मा का महातूफान: गांगुली-तेंदुलकर के रिकॉर्ड ध्वस्त, रच दिया इतिहास!

लॉर्ड्स के मैदान पर रोहित शर्मा का महातूफान: गांगुली-तेंदुलकर के रिकॉर्ड ध्वस्त, रच दिया इतिहास!

क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर आज वो हुआ जो पिछले कई दशकों के इतिहास में कोई हिंदुस्तानी बल्लेबाज नहीं कर सका था। जब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि क्या टीम इंडिया अंग्रेजों की सरजमीं पर घुटने टेकेगी या फिर पलटवार करेगी, तब भारत के कप्तान और भारतीय क्रिकेट के असली गौरव रोहित शर्मा ने अपने बल्ले से वो गदर मचाया जिसने पूरी दुनिया की क्रिकेट बिरादरी को हिला कर रख दिया है।

यह कोई आम मैच नहीं था, यह स्वाभिमान की लड़ाई थी, यह उन आलोचकों को जवाब देने का मौका था जो पिछले कई महीनों से रोहित शर्मा की फॉर्म पर उंगलियां उठा रहे थे। लेकिन जब शेर मैदान पर उतरता है, तो वो दहाड़ता नहीं है बल्कि सीधे शिकार करता है। रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स के उस मैदान पर जहां बड़े-बड़े दिग्गजों के पैर कांप जाते हैं, वहां अंग्रेजों के घमंड को नेस्तनाबूद करते हुए एक ऐसी ऐतिहासिक इनिंग्स खेली है जो सदियों तक याद रखी जाएगी।

 

क्रिकेट के मक्का में हिटमैन का ऐतिहासिक गदर

 

इस मुकाबले की शुरुआत से पहले माहौल में एक अजीब सा तनाव था। हर कोई जानना चाहता था कि टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ उनके सबसे मजबूत किले यानी लॉर्ड्स में कैसा परफॉर्म करेगी। रोहित शर्मा पिछले दो मैचों में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे थे। मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक, हर जगह उनकी उम्र और उनकी फॉर्म को लेकर तरह-तरह की बातें बनाई जा रही थीं। कहा जा रहा था कि अब रोहित का वो पुराना दौर खत्म हो चुका है। लेकिन जो लोग इतिहास रचने के लिए पैदा होते हैं, वो किसी की बातों से विचलित नहीं होते।

रोहित शर्मा ने मैदान पर कदम रखा और पहली गेंद से ही अपने इरादे साफ कर दिए। उन्होंने अंग्रेजों के तेज गेंदबाजों की लाइन और लेंथ को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। सिर्फ 84 गेंदों पर रोहित शर्मा ने वो कारनामा कर दिखाया जो आज तक क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर, रन मशीन विराट कोहली या फिर कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी भी नहीं कर पाए थे।

लॉर्ड्स के इस खूबसूरत और ऐतिहासिक मैदान पर वनडे क्रिकेट के इतिहास में आज तक कोई भी भारतीय बल्लेबाज शतक नहीं लगा पाया था। यह एक ऐसा सूखा था जो भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को हमेशा चुभता था। लेकिन हिटमैन ने आज अपनी कमाल की टाइमिंग, बेहतरीन पुल शॉट्स और क्लासिक कवर ड्राइव्स के दम पर इस सूखे को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। उन्होंने 84 गेंदों पर अपनी सेंचुरी पूरी की और जैसे ही उन्होंने अपना बल्ला हवा में उठाया, पूरा लॉर्ड्स का मैदान ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा।

 

आलोचकों के मुंह पर करारा तमाचा

 

यह शतक सिर्फ एक रन बनाने की कहानी नहीं है, यह रोहित शर्मा के उस जज्बे की कहानी है जो हार मानना नहीं जानता। रोहित ने आखिरी बार वनडे में कोई शतक अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगाया था। उसके बाद से उनके बल्ले से कोई बड़ी पारी नहीं निकली थी। लगभग एक साल से उनके फॉर्म पर लगातार सवाल खड़े हो रहे थे। क्रिकेट के पंडित कह रहे थे कि रोहित शर्मा को अब युवाओं के लिए रास्ता छोड़ देना चाहिए।

लेकिन रोहित ने लॉर्ड्स के मैदान को चुना अपने सबसे बड़े कमबैक के लिए। उन्होंने अपने इस  34वें वनडे शतक के जरिए उन तमाम आलोचकों के मुंह पर एक ऐसा करारा तमाचा जड़ा है, जिसकी गूंज बहुत दिनों तक सुनाई देगी। इस मैच में रोहित शर्मा का अंदाज बिल्कुल अलग था। वो किसी दबाव में नहीं थे। उन्होंने दिखा दिया कि जब देश के लिए खेलने की बात आती है, तो उनके भीतर का राष्ट्रवादी खिलाड़ी किसी भी ताकत से टकराने के लिए तैयार रहता है। अंग्रेजों ने हर पैंतरा आजमाया, शॉर्ट पिच गेंदें फेंकी, स्पिन का जाल बुना, लेकिन रोहित के सामने उनकी हर रणनीति फेल साबित हुई। रोहित ने अपनी इस पारी से यह साबित कर दिया कि फॉर्म तो आती-जाती रहती है, लेकिन जो क्लास होता है, वो हमेशा परमानेंट रहता है।

 

दादा और गॉड ऑफ क्रिकेट के रिकॉर्ड जमींदोज

 

रोहित शर्मा की इस जादुई पारी ने रिकॉर्ड्स बुक में तहलका मचा कर रख दिया है। एक ही पारी से उन्होंने कई बड़े-बड़े दिग्गजों के रिकॉर्ड्स को मलबे में तब्दील कर दिया:

सौरव गांगुली का रिकॉर्ड टूटा: इससे पहले वनडे क्रिकेट में लॉर्ड्स के मैदान पर सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड पूर्व भारतीय कप्तान और बंगाल टाइगर सौरव गांगुली के नाम दर्ज था। गांगुली ने साल 2004 में यानी आज से करीब 22 साल पहले यहां 90 रनों की एक जुझारू पारी खेली थी। दो दशकों से कोई भी भारतीय उस रिकॉर्ड के आस-पास भी नहीं पहुंच पाया था। आज रोहित शर्मा ने न सिर्फ उस रिकॉर्ड को तोड़ा, बल्कि लॉर्ड्स में पहला भारतीय वनडे शतक बनाकर अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया।
सचिन तेंदुलकर को पछाड़ा: रोहित शर्मा ने क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के एक बहुत बड़े वर्ल्ड रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया है। रोहित अब विदेशी बल्लेबाज के तौर पर किसी एक देश में वनडे फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले दुनिया के नंबर वन बल्लेबाज बन गए हैं।
इंग्लैंड में 8वां शतक: उन्होंने इंग्लैंड की सरजमीं पर अपना 8वां वनडे शतक जड़ा है। इससे पहले यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने यूएई के मैदानों पर 7 शतक लगाए थे। किसी विदेशी टीम के घर में घुसकर उसी के खिलाफ इतने शतक लगाना, यह दिखाता है कि रोहित शर्मा का दबदबा दुनिया के हर कोने में है।

 

उम्र सिर्फ एक नंबर है: 39 साल का वो युवा जोश

 

जब रोहित शर्मा इस मैच में बल्लेबाजी कर रहे थे, तो उनकी फुर्ती और उनके शॉट्स की ताकत देखकर कोई नहीं कह सकता था कि यह खिलाड़ी अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर है। रोहित ने यह सेंचुरी **39 साल और 80 दिनों** की उम्र में जड़ी है। इसी के साथ उन्होंने भारत के क्रिकेट इतिहास में एक और बड़ा पन्ना जोड़ दिया है। वे भारत के लिए वनडे इंटरनेशनल में शतक लगाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं।

जहां इस उम्र में खिलाड़ी संन्यास लेकर कमेंट्री बॉक्स में बैठ जाते हैं या आराम करते हैं, वहीं रोहित शर्मा देश की कप्तानी करते हुए दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा रहे हैं। यह उनकी फिटनेस, उनके समर्पण और देश के प्रति उनके कर्तव्य को दर्शाता है। उन्होंने युवाओं के सामने एक ऐसी मिसाल पेश की है जो बताती है कि अगर आपके भीतर देश के लिए कुछ करने का जुनून हो, तो उम्र का हर बंधन टूट जाता है।

 

लॉर्ड्स की रफ्तार और रोहित का क्लास

 

लॉर्ड्स के मैदान पर तेज शतक लगाना बेहद मुश्किल माना जाता है क्योंकि यहां की आउटफील्ड और पिच की परिस्थितियां हमेशा गेंदबाजों के पक्ष में होती हैं। लेकिन रोहित शर्मा ने आज लॉर्ड्स में वनडे फॉर्मेट में सबसे तेज शतक लगाने के मामले में भी दुनिया में तीसरा स्थान हासिल कर लिया है।

उन्होंने सिर्फ 84 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। इस लिस्ट में पहले स्थान पर इंग्लैंड के ही जोस बटलर हैं जिन्होंने 61 गेंदों पर शतक लगाया था, और दूसरे स्थान पर वेस्टइंडीज के महान कप्तान क्लाइव लॉयड हैं जिन्होंने 82 गेंदों पर यह कारनामा किया था। रोहित शर्मा ने 84 गेंदों पर शतक जड़कर मार्कस ट्रेस्कोथिक के 89 गेंदों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया और तीसरे नंबर पर कब्जा जमा लिया।

यह इनिंग्स भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक टर्निंग पॉइंट की तरह देखी जाएगी। रोहित शर्मा की इस पारी ने न सिर्फ टीम इंडिया को एक मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। जब-जब विदेशी धरती पर भारतीय बल्लेबाजों के संघर्ष की बात होगी, तब-तब रोहित शर्मा की इस लॉर्ड्स वाली पारी का उदाहरण दिया जाएगा। यह एक कप्तान की पारी थी, यह एक सच्चे देशभक्त खिलाड़ी की पारी थी जिसने अपने देश के मान-सम्मान के लिए बल्ले को तलवार बना दिया और विरोधी टीम के हौसलों को पस्त कर दिया। रोहित शर्मा का यह 34वां शतक हमेशा-हमेशा के लिए अमर हो गया है।

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