हमारी बहन-बेटियों का मान, मातृशक्ति पर है सनातन परिवार व्यवस्था को बचाने की जिम्मेदारी: भगवती बल्दवा

हमारी बहन-बेटियों का मान, मातृशक्ति पर है सनातन परिवार व्यवस्था को बचाने की जिम्मेदारी: भगवती बल्दवा

हैदराबाद, 8 जून। “नारीशक्ति किसी भी कालखंड में कमजोर नहीं रही है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हमारी बेटियां आगे आएं, अपने परिवार के साथ एक समुचित तालमेल बनाएं और अपने सपनों को एक नई और ऊंची उड़ान दें!” यह ओजस्वी विचार प्रसिद्ध सोशल वर्कर, उद्योगपति, दानदाता, मोटिवेशनल स्पीकर और राजनेता भगवती बल्दवा ने व्यक्त किए। वह श्री माहेश्वरी समाज (दिलसुखनगर) एवं श्री माहेश्वरी समाज महिला मंडल (दिलसुखनगर) के संयुक्त तत्वावधान में चैतन्यपुरी स्थित भाग्यश्री फंक्शन हॉल में आयोजित तीन-दिवसीय महेश नवमी महोत्सव-2026 के भव्य समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। पाश्चात्य प्रभाव के कारण टूटती परिवार व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सनातन जड़ों को पुनः सींचने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बहनों और बेटियों पर ही है, क्योंकि स्त्री ही परिवार की रीढ़ होती है। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि बेटियां अपने असीम सामर्थ्य से इस विकराल समस्या से समाज को निजात दिलाएंगी। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर जंवाइयों और बेटियों (दोयते/दोयतियों) के सम्मान के इस कार्यक्रम को उन्होंने पूरे माहेश्वरी समाज के लिए सामाजिक एकता और सांस्कृतिक निष्ठा का एक अनुकरणीय उदाहरण बताया।
इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए कार्यक्रम की विशेष अतिथि एवं कामारेड्डी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की पार्षद (समाज की बेटी) प्रीति इनानी जैन ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने बेटियों और जंवाइयों के लिए किए गए इस अनूठे सम्मान कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए उपस्थित युवाओं में यह कहते हुए जोश भरा कि, “हिम्मत करके आगे बढ़ने वालों की कभी हार नहीं होती।”

मुख्य कार्यक्रम यानी संध्याकालीन सत्र की अध्यक्षता समाज अध्यक्ष हनुमानदास सोमानी ने की। इस सत्र में सांस्कृतिक छटा, समाज सेवा और प्रतिभाओं के सम्मान का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस मौके पर ‘वॉइस ऑफ दिलसुखनगर-शिवाजी के विवाह के गीत’ थीम पर गायन प्रतियोगिता का फाइनल राउंड हुआ। इसके विजेता भरत मर्दा व उपविजेता हनुमान दास सोमानी रहे। भगवान की शादी के संगीत के रूप में आयोजित अंताक्षरी के विजेताओं में अनुराधा मानधना, अनिल मानधना, अभिजीत बांगड़, सरिता लोया और अनुषा लोया शामिल रहे। वहीं, उपविजेताओं में वैष्णवी खटौड़, वैष्णवी खटौड़ (दो बार), ज्योति खटौड़, दुर्गा तवानी और शारदा मानधना शामिल रहे। अंतिम कार्यक्रम के रूप में भगवान शिव-पार्वती के विवाह की सुंदर नाटिका ने सभी का मन मोह लिया। इस मौके पर भगवान महेश की संध्याकालीन सामूहिक दिव्य आरती की गई और वन्दे मातरम् का गायन हुआ। राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले शहीदों तथा माहेश्वरी समाज के पूर्व अध्यक्ष पद्मश्री बंसीलाल राठी के देवलोक गमन पर 1 मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

अध्यक्ष हनुमानदास सोमानी के स्वागत उद्बोधन के बाद, महिला मंडल अध्यक्ष प्रीति सारड़ा ने सभी से समाज के साथ पूर्ण रूप से जुड़ने का आह्वान किया। संस्था के मंत्री शिवकुमार लखोटिया ने बताया कि ‘महेश भगवती बल्दवा फाउंडेशन’ के माध्यम से समाज के जरूरतमंद बच्चों को प्रतिवर्ष लाखों रुपये की शिक्षा सहायता दी जा रही है। समाज द्वारा सभी परिवारों के मुखियाओं के लिए एक विशेष बीमा प्रकल्प चलाया जा रहा है, जिसका प्रीमियम न दे पाने वालों का खर्च समाज उठाएगा। वहीं, महिला मंडल ‘स्वस्थ नारी-स्वस्थ परिवार’ के तहत सेमिनार कर रहा है और अर्थाभाव में इलाज न करा पाने वाली महिलाओं के खर्च का वहन करने के लिए संकल्पबद्ध है। इस मौके पर समाज के वरिष्ठ बाबूलाल जाजू का विशेष सम्मान किया गया। इसके बाद प्रतिभा सम्मान के अंतर्गत 10वीं कक्षा के गौरा आदि रुद्र वीर, रिया काबरा, आशी भैया, श्रेया माहेश्वरी, ध्रुव सारड़ा, मानसी राठी, कनक जाजू, वृंदा धोरलल, अक्षरा बियानी, यश काबरा को सम्मानित किया गया। 12वीं कक्षा के अक्षरा असावा, गौरंग सारड़ा, हर्ष लड्ढा, प्रार्थना राठी (पूरे तेलंगाना में द्वितीय रैंक, पिछले वर्ष प्रथम रैंक) को भी नवाजा गया। इसके अलावा स्नातक में कीर्ति दमाणी, स्नातकोत्तर में मानश्री जाजू, व्यावसायिक अध्ययन (सीएएम) में विवेक लोया (ऑल इंडिया 20वीं रैंक), अभिषेक मोदानी, मंजरी सारड़ा, अनन्या सोमानी तथा डॉ. होमी भाभा बालवैज्ञानिक प्रतियोगिता में रजत पदक विजेता को सम्मानित किया गया। खेलकूद के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। मंच पर कोषाध्यक्ष मोहन इनानी, संगठन मंत्री सी.ए. अभिजीत बांगड़, महिला मंडल मंत्री मोनिका सोमानी, और प्रधान संयोजक गोपाल सोमानी भी उपस्थित रहे।

महोत्सव के पहले दो दिन विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं के नाम रहे। वहीं, समापन के दिन की शुरुआत भगवान उमा-महेश के विवाह की थीम के साथ हुई। कोथापेट स्थित कन्यका परमेश्वरी मंदिर से भगवान शिव की पूजा-अर्चना व आरती के बाद भव्य बारात निकाली गई। गाजे-बाजे, घोड़े-बग्गी, भगवान शिव के दरबार, माता अन्न लक्ष्मी के सजी स्वरूपों, भगवान जगन्नाथ के पूर्ण दरबार और अर्धनारीश्वर रूप की झांकियों के साथ यह बारात न्यू मारुति नगर, प्रभात नगर और गंगा हॉस्पिटल लेन होते हुए आयोजन स्थल पहुंची। प्रस्तोता उमेश चोकड़ा द्वारा लिखित गीतों के माध्यम से जंवाइयों और बेटियों को उनकी पूर्ण पहचान के साथ अलग-अलग सम्मानित किया गया। इसी क्रम में भगवान शिव की शादी की हल्दी व फूलों की होली का उल्लासपूर्ण कार्यक्रम हुआ। विशेष सज्जन-गोठ में 308 बेटियों के परिवार के सदस्यों ने भगवान का प्रसाद ग्रहण किया और सभी को स्मृति चिह्न दिए गए। सुबह के सत्र में उद्घाटनकर्ता समाज सेवी गोपाल बल्दवा, अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के उपसभापति (दक्षिणांचल) अरुण कुमार भांगड़िया, तेलंगाना-आंध्र प्रादेशिक माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष कैलाश डालिया, महासभा के कार्यकारी मंडल सदस्य नरसिंह तोषनीवाल, महेश फाउंडेशन के अध्यक्ष रमेश कलंत्री, तेलंगाना आंध्र प्रादेशिक माहेश्वरी सभा की अध्यक्ष मंजू लाहोटी एवं मंत्री आरती असावा का सम्मान किया गया।

संस्था के संरक्षक व कार्यक्रम के प्रधान संयोजक गोपाल सोमानी ने बताया कि इस महोत्सव को पूरी टीम ने 50 से ज्यादा दिनों की जी-तोड़ मेहनत से सफल बनाया है। उन्होंने सदस्य घनश्याम बजाज, बद्रीविशाल मालानी, राखी बजाज, पदमा मालानी, सह-संयोजक बाला प्रसाद मानधनिया, सीए गिरधर असावा, महेश मालानी, श्रुति मर्दा, शोभा बजाज, अवतार लाहोटी, सह-संयोजक सुनील बियानी, राधेश्याम बजाज, बबिता फोफलिया, अनुराधा मानधना, मोहन इनानी, सी.ए. अभिजीत बांगड़ के साथ-साथ कार्यकारिणी सदस्य राजेश लोया, शशिकला हेड़ा, रुचिता इनानी, आनंद हेड़ा, संतोष सारड़ा, मिलन लखोटिया, सी.ए. अश्विन मर्दा, गणेश मूंदड़ा और भरत मर्दा के सहयोग की विशेष सराहना की। दोनों संस्थाओं के अध्यक्षों व मंत्रियों का भी विशेष योगदान रहा। इस कार्यक्रम में प्रमुख सहयोगी ओम प्रकाश अरुण कुमार राठी परिवार, हुलासमल गोपाल सोमानी परिवार, सुभाष चंद्र बाला प्रसाद मानधनिया परिवार, हंसराज हनुमान दास सोमानी, हरीश चंद्र चांडक, रामप्रकाश सीरल कुमार फोफलिया, मदन गोपाल बद्रीविशाल मालानी, प्रेम कुमार शिवकुमार लखोटिया, आनंद हेड़ा, राजेश कुमार लोया, हनुमानदास सुनील कुमार बियानी, महावीर क्रांति सारड़ा, अनिल कुमार अभिजीत मानधना, शशिकला श्याम सुंदर खेड़ा, बबिता राकेश फोफलिया, रामेश्वर लाल राधेश्याम बजाज, जयकुमार अभिजीत बांगड़, नरसिंह प्रसाद मोहन इनानी, जगकिशन अवतार लाहोटी, गिरधारीलाल निलेश राठी, प्रेम प्रकाश पीयूष कुमार दरक, तुलसीराम बद्रीनारायण प्रीतम राठी का विशेष आभार प्रकट किया गया।

इस भव्य महोत्सव में प्रसिद्ध उद्योगपति एवं दानदाता महेश बल्दवा, गोपाल बलदवा, अरुण कुमार भंगाड़िया, कैलाश डालिया, नरसिंह तोषनीवाल, रमेश कलंत्री, मंजू लाहोटी, आरती असावा, हनुमानदास सोमानी, शिवकुमार लखोटिया, मोहन इनानी, गोपाल सोमानी, सी.ए. अभिजीत बांगड़, प्रीति सारड़ा, मोनिका सोमानी, महेश बलदवा, डॉ. राधेश्याम तापड़िया, संपत तोषनीवाल (आर.के.टी.), गोपाल लाल बंग, पी.डी. जाखोटिया, सत्यनारायण मूंदड़ा, राकेश बंग, महेश चांडक, संजय लाहोटी, श्यामसुंदर बियानी, जगदीश झंवर, लक्ष्मीकांत भक्कड़, रामदेव बियानी, पवन पल्लोड़, गोपाल मंत्री, संजय पल्लोड़, शिवकुमार भुतड़ा, महेश चांडक, शरद राठी, शिवरतन बंग, राजेश चांडक, संतोष दड़गड़, प्रवीण सोनी, गोविंद असावा, ओम प्रकाश धूत, गोपाल बजाज, भरत जाजू, अमर जाजू, घनश्याम लोया, राजू करवा, दिनेश करवा, भगवानदास चांडक, भगवान सारड़ा, मधुसूदन सारड़ा, नितिन सारड़ा, नानू सारड़ा, रामदेव सारड़ा, नरेश भुतड़ा, राधेगोपाल बंग, उर्मिला डालिया, इंदिरा बजाज, संगीता सोमानी, अर्चना करवा और कविता करवा सहित कई गणमान्यजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनका संस्था द्वारा अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का शानदार समापन प्रधान संयोजक गोपाल सोमानी के आभार ज्ञापन के साथ हुआ।

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